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Wednesday, December 26, 2012

क्या मैरिड कपल साथ काम कर सकते हैं?


मैरिड कपल के साथ काम करने के फायदों पर अक्सर किसी का ध्यान ही नहीं जाता, क्योंकि ज्यादातर लोगों में धारणा होती है कि यह एक बेकार आइडिया है। मैरेज काउंसलर डॉ संजॉय मुखर्जी बताते हैं, ‘अक्सर ऐसे में कपल्स के बीच पोटेंशल को लेकर समस्या बढ़ने लगती है, जो बाद में भी सिचुएशन को कूल नहीं होने देती। यह प्रोफेशनल लेवल पर भी हो सकता है, जो आखिरकार दोनों के पसंद-नपसंद में विरोध ले आता है। ऐसा खासतौर से तब होता है जब दोनों एक ही डिपार्टमेंट में हों या फिर दोनों में से एक दूसरे का सीनियर हो।’
अपनी पर्सनल फीलिंग्स और सिचुएशन को काम से अलग रखना अपना आप में एक चैलेंज होता है। यह बेहद मुश्किल हो सकता है अफने हज़बंड-वाइफ के रिलेशन से प्रोफेशनल में आना और फिर वापस लौटना। हालांकि इन सब मुश्किलों के बावजूद, बहुत सारे ऐसे कपल्स हैं जो एक-साथ काम भी करते हैं और अपना वही पैशन भी महसूस करते हैं। वे एक-दूसरे को कॉम्प्लिमेंट करते हैं। लेकिन आप साथ काम करने के नुकसानको भी नजरअंदाज नहीं कर सकते। हम यहां कुछ तरीके बता रहे हैं जिनसे आप अपने रिलेशन को अपने काम के बीच न आने देकर, घर पर भी ऑफिस की चिक-चिक ने ले जा पाएं…
एक-दूसरे के काम में दखलअंदाजी न करें
आप मैरिड हैं, इसका मतलब यह नहीं कि आप ऑफिस में अपने स्पाउस की हर खबर रखें। अगर आपके पार्टनर को अपने कॉलीग के साथ कोई समस्या है तो आफ उससे दूर ही रहें। आपको उन्हें या उनके कॉलीग को सुझाव देने की कोई जरूरत नहीं है। उन्हें उनकी सिचुशन खुद संभालने दें।
उन्हें थोड़ा स्पेस दें
स्पेस हर रिलेशनशिप में बहुत अहम होता है। यह असल में आपके रिलेशन को मजबूत बनाने का ही काम करता है। जब आप साथ काम करते हैं जो आप दोनों के पास आमतौर पर कॉमन कॉलीग्स होते हैं, इसलिए आपको हमारा सुझाव है कि आप दूसरे डिपार्टमेंट्स से भी नए दोस्त बनाएं जिनके साथ आप लंच ब्रेक में हैंग आउट कर सकें। यह न केवल आपके करियर के लिए अच्छा है, बल्कि दूसरों के साथ आपके प्रोफेशनल रिलेशनशिप को भी बेहतर बनाएगा। जरूरी नहीं कि आप हर काम साथ ही करें। अपनी अलग ‘स्पाउस सोसाइटी’ बनाने का तो बिल्कुल भी न सोचें!
निजी परेशानियां दूर रखें
अगर आपका घर पर झगड़ा हुआ है, तो कोशिश करें कि वह काम के बीच न आने पाए। अपने कॉलीग्स से भी अपने झगड़ों की चर्चा न करें। क्योंकि आप दोनों एक ही जगह काम करते हैं, तो ऐसा करना आपकी अपनी स्पाउस इमेज खराब करेगा।
प्रोफेशनल रहें
जब आप ऑफिस में हों तो फैमिली या किसी भी तरह की पर्सनल बातें न करें। ऑफिस में अपने/अपनी स्पाउस के साथ प्रोफेशनल और विनम्र व्यवहार के साथ पेश आएं। वहां इमोशनल माहौल न बनाएं। सबसे जरूरी, अपने पेट नेम्स को ऑफिस के बाद के लिए संभाल कर रखें।
अगर आप और आपके/आपकी स्पाउस साथ में बिजनस करते हैं
साथ में बिजनस करना बच्चे को साथ मिलकर बढ़ा करने जैसा है। इसमें खुशियां, मस्ती और गर्व- तीनों का साथ में अहसास किया जा सकता है। हो सकता है आपको कई-कई घंटे काम करना पड़े या कुछ ऐसे भी मौके आएं जहां आप एक-दूसरे से सहमत न हों, ऐसे में आपके अपने/अपनी स्पाउस से अच्छे से रिस्पेक्ट के साथ बात करनी चाहिए और उन्हें तरीके से सुनना भी चाहिए। भले ही आप अलग सोचते हों, लेकिन उनके डिसिज़न को सपोर्ट करें। दूसरों के सामने एकमत होकर खड़े रहना अच्छा होता है। आप समस्या पर बाद में अकेले में भी चर्चा कर सकते हैं।
ध्यान रखें कि आपके इम्प्लॉयीज हमेशा आप दोनों को नोटिस कर रहे होते हैं। काम पर आपसी मतभेद आपके इम्प्लॉयीज पर अच्छा प्रभाव नहीं छोड़ते और इससे आप दोनों उनकी गॉसिप का टॉपिक भी बन जाएंगे। भले ही कितना भी वर्क लोड हो, आपको कुछ समय एक-दूसरे के साथ अकेले में भी बिताना होगा। और उस वक्त कोशिश करें कि आप ऑफिस की बातों में न उलझें। यह आपके रिलेशन को मजबूत बनाने में मगग करेगा।

गुजरात की गद्दी पर मोदी की ताजपोशी आज


नरेंद्र मोदी एक बार फिर गुजरात की कमान संभालने को तैयार हैं. तमाम विवादों और विरोधों के बीच लगातार तीन बार चुनाव जीत कर मोदी एक बार फिर गुजरात के सरदार बन गए हैं. अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम अब से कुछ ही देर में 50 हजार की भीड़ के बीच उनकी ताजपोशी होनी है. उनके इस शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के साथ-साथ कई और पार्टियों के नेता भी मौजूद होंगे. शपथ ग्रहण समारोह में कई पार्टियों के नेता रहेंगे मौजूद
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वालो में वीवीआईपीज़ की कतार भी लंबी है. बीजेपी के केंद्रीय नेताओं में लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, मुरली मनोहर जोशी और पार्टी अध्यक्ष नितिन गड़करी की मौजूदगी तय मानी जा रही है, वहीं अरुण जेटली तो दो दिन से गुजरात में ही हैं. खबर है कि 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी न्यौता स्वीकर कर लिया है. मुख्यमंत्रियों में गोवा के मनोहर पारिकर और पंजाब के प्रकाश सिंह बादल इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. पिछले कुछ अर्से से एक बार फिर एनडीए के करीब आती दिख रहीं तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता के भी इस समारोह में शामिल होने की उम्मीद है. कभी एनडीए का हिस्सा रहे बीजेडी नेता और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी मोदी की ताजपोशी के मौके पर अहमदाबाद में मौजूद होंगे.
ताजपोशी में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी होंगे शामिल
महाराष्ट्र सियासत के दो बड़े चेहरे, एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे भी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं. मोदी के लिए चुनाव के दौरान प्रचार कर चुके नवजोत सिद्धू औऱ स्मृति इरानी भी इस मौके पर सरदार पटेल स्टेडियम में मौजूद होंगे. अभिनेता से नेता बनीं हेमा मालिनी भी मोदी की ताजपोशी का गवाह बनेंगी.
ताजपोशी से नीतीश कुमार रहेंगे दूर
नरेंद्र मोदी की ताजपोशी से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दूर रहेंगे. मोदी को सियासी अछूत मानने वाले नीतीश कुमार को भी चिंता अपनी छवि की है शायद यही वजह है कि आज वो सरदार पटेल स्टेडिय में नजर नहीं आएंगे. हांलाकि उन्हीं की पार्टी और एनडीए के संयोजक शरद यादव मोदी के इस कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
ताजपोशी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. नतीजों के ऐलान के बाद से ही सरकारी अमला जुटा है कि सुरक्षा व्यवस्था से लेकर शपथ ग्रहण के इंतजामों में कहीं कोई कसर ना रह जाए. प्रशासन की तरफ से इस कार्यक्रम में शरीक होने वालों के लिए हिदायतें भी जारी की जा चुकी हैं. सुरक्षा इतंजाम इतने सख्त हैं की पानी की बोतल भी स्टेडियम में ले जाने की इजाज़त नहीं होगी.
मोदी देश के सबसे असरदार नेताओं में शुमार
गुजरात चुनाव में सिर्फ अपने नाम और छवि के दम पर बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिलाने वाले मोदी अब सिर्फ पार्टी ही नहीं बल्कि देश के सबसे असरदार नेताओं में शुमार हो चुके हैं. ज्योति बसु, शीला दीक्षित और तरुण गोगई जैसे मुख्यमंत्रियों की उस लीग में अब मोदी शामिल हो चुके हैं जिन्होंने 3 या तीन से ज्यादा बार अपने-अपने राज्य की कमान संभाली हैनरेंद्र मोदी एक बार फिर गुजरात की कमान संभालने को तैयार हैं. तमाम विवादों और विरोधों के बीच लगातार तीन बार चुनाव जीत कर मोदी एक बार फिर गुजरात के सरदार बन गए हैं. अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम अब से कुछ ही देर में 50 हजार की भीड़ के बीच उनकी ताजपोशी होनी है. उनके इस शपथ ग्रहण समारोह में बीजेपी के साथ-साथ कई और पार्टियों के नेता भी मौजूद होंगे. शपथ ग्रहण समारोह में कई पार्टियों के नेता रहेंगे मौजूद
नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने वालो में वीवीआईपीज़ की कतार भी लंबी है. बीजेपी के केंद्रीय नेताओं में लाल कृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, मुरली मनोहर जोशी और पार्टी अध्यक्ष नितिन गड़करी की मौजूदगी तय मानी जा रही है, वहीं अरुण जेटली तो दो दिन से गुजरात में ही हैं. खबर है कि 9 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी न्यौता स्वीकर कर लिया है. मुख्यमंत्रियों में गोवा के मनोहर पारिकर और पंजाब के प्रकाश सिंह बादल इस शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होंगे. पिछले कुछ अर्से से एक बार फिर एनडीए के करीब आती दिख रहीं तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता के भी इस समारोह में शामिल होने की उम्मीद है. कभी एनडीए का हिस्सा रहे बीजेडी नेता और उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी मोदी की ताजपोशी के मौके पर अहमदाबाद में मौजूद होंगे.
ताजपोशी में राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे भी होंगे शामिल
महाराष्ट्र सियासत के दो बड़े चेहरे, एमएनएस अध्यक्ष राज ठाकरे और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे भी इस समारोह में शामिल हो सकते हैं. मोदी के लिए चुनाव के दौरान प्रचार कर चुके नवजोत सिद्धू औऱ स्मृति इरानी भी इस मौके पर सरदार पटेल स्टेडियम में मौजूद होंगे. अभिनेता से नेता बनीं हेमा मालिनी भी मोदी की ताजपोशी का गवाह बनेंगी.
ताजपोशी से नीतीश कुमार रहेंगे दूर
नरेंद्र मोदी की ताजपोशी से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दूर रहेंगे. मोदी को सियासी अछूत मानने वाले नीतीश कुमार को भी चिंता अपनी छवि की है शायद यही वजह है कि आज वो सरदार पटेल स्टेडिय में नजर नहीं आएंगे. हांलाकि उन्हीं की पार्टी और एनडीए के संयोजक शरद यादव मोदी के इस कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं.
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
ताजपोशी को लेकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. नतीजों के ऐलान के बाद से ही सरकारी अमला जुटा है कि सुरक्षा व्यवस्था से लेकर शपथ ग्रहण के इंतजामों में कहीं कोई कसर ना रह जाए. प्रशासन की तरफ से इस कार्यक्रम में शरीक होने वालों के लिए हिदायतें भी जारी की जा चुकी हैं. सुरक्षा इतंजाम इतने सख्त हैं की पानी की बोतल भी स्टेडियम में ले जाने की इजाज़त नहीं होगी.
मोदी देश के सबसे असरदार नेताओं में शुमार
गुजरात चुनाव में सिर्फ अपने नाम और छवि के दम पर बीजेपी को पूर्ण बहुमत दिलाने वाले मोदी अब सिर्फ पार्टी ही नहीं बल्कि देश के सबसे असरदार नेताओं में शुमार हो चुके हैं. ज्योति बसु, शीला दीक्षित और तरुण गोगई जैसे मुख्यमंत्रियों की उस लीग में अब मोदी शामिल हो चुके हैं जिन्होंने 3 या तीन से ज्यादा बार अपने-अपने राज्य की कमान संभाली है

Wednesday, December 19, 2012

गैंग रेप: मुलजिमों को कोई अफसोस नहीं


मुनिरका।। हैवानियत की हद को भी पार करते हुए फिजियोथेरपी की स्टूडेंट के साथ चलती बस में गैंग रेप करने वाले आरोपियों को इस शर्मनाक घटना पर कोई अफसोस नहीं है। उन्हें इस बात पर कोई पछतावा नहीं है कि उनकी वहशी करतूत की वजह से वह लड़की वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही है। 6 में से अभी तक गिरफ्तार चारों आरोपियों में से एक भी ऐसा नहीं है, जिसने घटना होते वक्त इसका विरोध किया हो और अपने साथियों से लड़की को छोड़ने की बात कही हो। बल्कि उस वक्त सारे बेबस और लाचार लड़के-लड़की पर हंस रहे थे।

शर्मनाक यह भी है कि घटना के अगले दिन यानी सोमवार सुबह ज्यादातर आरोपी रोज की तरह ही अपने-अपने काम-धंधों पर निकल पड़े। पवन गुप्ता फल बेचने का काम करता था, तो वह फल बेचने निकल पड़ा। असिस्टेंट जिम इंस्ट्रक्टर विनय शर्मा जिम में चला गया। मुकेश राजस्थान भाग गया और राम सिंह दुस्साहस दिखते हुए आरके पुरम से पहले नोएडा गया और वहां से बस को लेकर आरके पुरम आ पहुंचा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, किसी ने रात वाली बात पर ज्यादा सोचना मुनासिब नहीं समझा और न ही उनके चेहरे और बॉडी लैंग्वेज से पुलिस का कोई खौफ नजर आ रहा था। पीड़ितों और उनके परिवार के साथ दिल्ली पुलिस की नींद उड़ाकर सभी आरोपी संडे रात को अच्छी तरह से सोए।

इंसानियत को शर्मसार करने वाले इन मुलजिमों को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को पुलिस ने जब इनसे घटना के बारे में पूछा, तो इनमें से किसी ने भी यह नहीं कहा कि उन्हें इसके लिए कुछ अफसोस है या फिर भविष्य में वह कभी दोबारा इस तरह के जघन्य अपराध नहीं करेंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरके पुरम से चली बस में रामाधर को लूटने के बाद आरोपियों ने उन्हें आईआईटी के पास फेंक दिया था। इसके बाद आरोपियों ने किसी लड़की के साथ मस्ती करने की योजना बनाई। बस को मुनिरका बस स्टैंड की ओर लाकर वहां 10-10 रुपये में पालम और द्वारका ले जाने की आवाज दी गई। बदकिस्मती से उस चार्टर्ड बस में 23 साल की लड़की और गुड़गांव की एक कंपनी में सीनियर इंजिनियर के रूप में काम कर रहा 28 साल का उसका दोस्त संडे रात करीब 9:15 बजे चढ़ गए। इसके बाद बस को किसी और स्टैंड पर नहीं रोका गया।

बस का ड्राइवर राम सिंह था, मगर उस रात उसने अपने छोटे भाई मुकेश को बस चलाने को दे रखी थी। उसका और अन्य आरोपियों का मूड मस्ती का था। करीब 10 मिनट बाद ही राम सिंह उस सीट पर आ गया, जहां पीड़ित बैठे हुए थे। हंसते हुए वह लड़की को छूने लगा। लड़की और लड़के दोनों ने इसका विरोध किया। राम सिंह और विनय शर्मा ने लड़के को उनकी सीट से उठाया और बस में पीछे की ओर ले जाकर उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। उनके सिर में लोहे की रॉड भी मारी गई। लड़के ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपियों का सामना भी किया, मगर अंत में वह हार गया। उन्हें एक सीट से बांध दिया गया।

लड़की ने अपने दोस्त की पिटाई का बहादुरी दिखाते हुए विरोध किया और शोर भी बचाया तो राम सिंह ने उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। पहले उनके पेट और शरीर के कई हिस्सों में लातें और घूंसे मारे गए। फिर बस की पिछली सीट पर लड़की के साथ बारी-बारी से आरोपियों ने रेप किया। दरिंदगी दिखाते हुए राम सिंह ने लड़की के शरीर के ऊपरी हिस्सों और इंटरनल पार्ट्स में लोहे की रॉड से कई वार किए। शैतानों को भी मात देते हुए उसने लड़की की आंतों तक को बाहर निकाल उसे लहूलुहान कर दिया। लगभग बेहोशी की हालत में दोनों को नग्न हालत में महिपालपुर फ्लाइओवर के करीब चलती बस से नीचे फेंक दिया गया। बस के अंदर विरोध करने के निशान मिले हैं।

लोकसभा में मंत्री से छीना प्रमोशन में आरक्षण बिल

लोकसभा में उस समय विचित्र स्थिति पैदा हो गई जब सपा सांसदों ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी नारायण सामी के हाथों से प्रमोशन में आरक्षण ‌बिल की प्रति को छीन कर टुकड़े-टुकड़े कर दिए। वेल में पहुंचे सपा सांसदों के इस हरकत से सामी हतप्रभ रह गए। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सपा सांसदों को रोकने की पूरी कोशिश की पर वह नाकाम रहीं।

बुधवार को प्रमोशन में आरक्षण बिल और महाराष्ट्र में कपास किसानों की मांग के समर्थन में लोकसभा में भारी हंगामा हुआ। इस वजह से लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित करनी पड़ी। सपा सदस्य हंगामा करते हुए अध्यक्ष मीरा कुमार के आसन के पास पहुंच गए।

वहीं बहुजन समाज पार्टी के सांसद आरक्षण के समर्थन में नारेबाजी करते नजर आए। बाद में लोकसभा की कार्यवाही बृहस्पतिवार तक के लिए स्‍थगित कर दी गई।

प्रमोशन में आरक्षण बिल का विरोध कर रही सपा ने साफ किया है कि वह इस बिल को पारित नहीं होने देगी। सपा महासचिव राम गोपाल यादव ने कहा कि लोकसभा में यह बिल पारित न हो, इसके लिए पार्टी पूरी ताकत झोंक देगी।

यादव ने पत्रकारों को बताया कि सदन में ज्यादा सदस्य इस विधेयक के पक्ष में नहीं है। ये सांसद पार्टी व्हिप में बंधे हैं इसलिए इसका विरोध नहीं कर पा रहे हैं। वहीं सपा नेता नरेश अग्रवाल ने संकेत दिए कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर सदन की कार्यवाही पूरी तरह बाधित करेगी।