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Wednesday, December 19, 2012

गैंग रेप: मुलजिमों को कोई अफसोस नहीं


मुनिरका।। हैवानियत की हद को भी पार करते हुए फिजियोथेरपी की स्टूडेंट के साथ चलती बस में गैंग रेप करने वाले आरोपियों को इस शर्मनाक घटना पर कोई अफसोस नहीं है। उन्हें इस बात पर कोई पछतावा नहीं है कि उनकी वहशी करतूत की वजह से वह लड़की वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत से जूझ रही है। 6 में से अभी तक गिरफ्तार चारों आरोपियों में से एक भी ऐसा नहीं है, जिसने घटना होते वक्त इसका विरोध किया हो और अपने साथियों से लड़की को छोड़ने की बात कही हो। बल्कि उस वक्त सारे बेबस और लाचार लड़के-लड़की पर हंस रहे थे।

शर्मनाक यह भी है कि घटना के अगले दिन यानी सोमवार सुबह ज्यादातर आरोपी रोज की तरह ही अपने-अपने काम-धंधों पर निकल पड़े। पवन गुप्ता फल बेचने का काम करता था, तो वह फल बेचने निकल पड़ा। असिस्टेंट जिम इंस्ट्रक्टर विनय शर्मा जिम में चला गया। मुकेश राजस्थान भाग गया और राम सिंह दुस्साहस दिखते हुए आरके पुरम से पहले नोएडा गया और वहां से बस को लेकर आरके पुरम आ पहुंचा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, किसी ने रात वाली बात पर ज्यादा सोचना मुनासिब नहीं समझा और न ही उनके चेहरे और बॉडी लैंग्वेज से पुलिस का कोई खौफ नजर आ रहा था। पीड़ितों और उनके परिवार के साथ दिल्ली पुलिस की नींद उड़ाकर सभी आरोपी संडे रात को अच्छी तरह से सोए।

इंसानियत को शर्मसार करने वाले इन मुलजिमों को गिरफ्तार करने के बाद सोमवार को पुलिस ने जब इनसे घटना के बारे में पूछा, तो इनमें से किसी ने भी यह नहीं कहा कि उन्हें इसके लिए कुछ अफसोस है या फिर भविष्य में वह कभी दोबारा इस तरह के जघन्य अपराध नहीं करेंगे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरके पुरम से चली बस में रामाधर को लूटने के बाद आरोपियों ने उन्हें आईआईटी के पास फेंक दिया था। इसके बाद आरोपियों ने किसी लड़की के साथ मस्ती करने की योजना बनाई। बस को मुनिरका बस स्टैंड की ओर लाकर वहां 10-10 रुपये में पालम और द्वारका ले जाने की आवाज दी गई। बदकिस्मती से उस चार्टर्ड बस में 23 साल की लड़की और गुड़गांव की एक कंपनी में सीनियर इंजिनियर के रूप में काम कर रहा 28 साल का उसका दोस्त संडे रात करीब 9:15 बजे चढ़ गए। इसके बाद बस को किसी और स्टैंड पर नहीं रोका गया।

बस का ड्राइवर राम सिंह था, मगर उस रात उसने अपने छोटे भाई मुकेश को बस चलाने को दे रखी थी। उसका और अन्य आरोपियों का मूड मस्ती का था। करीब 10 मिनट बाद ही राम सिंह उस सीट पर आ गया, जहां पीड़ित बैठे हुए थे। हंसते हुए वह लड़की को छूने लगा। लड़की और लड़के दोनों ने इसका विरोध किया। राम सिंह और विनय शर्मा ने लड़के को उनकी सीट से उठाया और बस में पीछे की ओर ले जाकर उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। उनके सिर में लोहे की रॉड भी मारी गई। लड़के ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपियों का सामना भी किया, मगर अंत में वह हार गया। उन्हें एक सीट से बांध दिया गया।

लड़की ने अपने दोस्त की पिटाई का बहादुरी दिखाते हुए विरोध किया और शोर भी बचाया तो राम सिंह ने उनकी पिटाई करनी शुरू कर दी। पहले उनके पेट और शरीर के कई हिस्सों में लातें और घूंसे मारे गए। फिर बस की पिछली सीट पर लड़की के साथ बारी-बारी से आरोपियों ने रेप किया। दरिंदगी दिखाते हुए राम सिंह ने लड़की के शरीर के ऊपरी हिस्सों और इंटरनल पार्ट्स में लोहे की रॉड से कई वार किए। शैतानों को भी मात देते हुए उसने लड़की की आंतों तक को बाहर निकाल उसे लहूलुहान कर दिया। लगभग बेहोशी की हालत में दोनों को नग्न हालत में महिपालपुर फ्लाइओवर के करीब चलती बस से नीचे फेंक दिया गया। बस के अंदर विरोध करने के निशान मिले हैं।

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